ऊर्जा मंत्री से उपभोक्ता परिषद ने कहा, यूपीपीसीएल खराब कर रहा है सरकार की छवि, यूपी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है

लखनऊः उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात कर कहा है पावर कारपोरेशन उपभोक्ता परिषद द्वारा नियामक आयोग में दाखिल बिजली दर के जनता प्रस्ताव को रोकने का षड़यंत्र कर रहा है। नियम विरुद्ध स्लैब और टैरिफ परिवर्तन कर गरीबों पर भार और अमीरों को राहत देने की कोशिश हो रही है। इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। इसको लेकर मांग की कि इस मामले में हस्तक्षेप कर जनता को राहत दिलाएं। 


उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि परिषद की तरफ से नियामक आयोग में बिजली दरों में कमी लाने के लिए जनता प्रस्ताव दाखिल किया गया है। जिसके लागू होने पर बिजली दरों में 16 फीसदी तक कमी आएगी। कहा कि बिजली कंपनियां पर नियामक आयोग द्वारा निकाले गए ट्रूअप और उदय के 13337 करोड़ जनता का बकाया है। 


20 फीसदी से कम अमीर बिजली उपभोक्ताओं को लाभः इसी को आधार बनकार बिजली दरों का जनता प्रस्ताव तैयार किया गया है। जनता प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन से रिपोर्ट मांगी थी। जिसके बाद कारपोरेशन ने जनता प्रस्ताव को रोकने के लिए स्लैब परिवर्तन फिर टैरिफ परिवर्तन का प्रस्ताव आयोग में दाखिल कर दिया है। गरीब शहरी घरेलू उपभोक्ता जिनकी संख्या सबसे अधिक है उनकी बिजली मंहगी करने का प्रस्ताव है जबकि 20 फीसदी से भी कम अमीर बिजली उपभोक्ताओं को लाभ देने की कोशिश प्रस्ताव के माध्यम से की गई है। कारपोरेशन के इस कदम से सरकार की छवि खराब हो रही है। परिषद के प्रत्यावेदन पर ऊर्जा मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली दिलाने के लिए प्रयासरत है। चेयरमैन पावर कारपोरेशन को निर्देशित किया है कि पूरे प्रकरण का परीक्षण कर निर्णय लें। 

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