बिजली चोरी को रोकने के लिए सरकार ने उठाया कठोर कदम, हर जिले में अब बनेगा बिजली थाना

 


लखनऊः बिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कठोर कदम उठा रही है। इस कड़ी में बिजली चोरी रोकने के लिए प्रत्येक जिले में एक-एक बिजली थाना बनाया जाएगा। प्रवर्तन दलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 88 कर दी गई है। इनमें से 53 प्रवर्तन दल क्रियाशील भी कर दिए गए हैं। हर जिले में एंटी पॉवर थेफ्ट पुलिस थाना बनाने का फैसला जनसंख्या वृद्धि के साथ ही बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर लिया गया है। 




63 जिलों में क्रियाशील कर दिए गए हैं बिजली थानेः अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि पहले बिजली चोरी से संबंधित अपराध जिलों के थानों में दर्ज किए जाते थे। काम का अधिक दबाव होने से पुलिस इस मामले में अपेक्षित कदम नहीं ठा पा रही थी। जिसके बाद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लि. के अधीन सतर्कता इकाई द्वारा सभी जिलों में एक-एक बिजली थाना स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इनमें से 63 थानों पर अपराधों का पंजीकरण तथा विवेचना का काम शुरू किया जा चुका है।

शेष जिलों में भी बिजली थाने शीघ्र क्रियाशील हो जाएंगे। चालू वर्ष 2020 में 31 मई तक की अवधि में ही बिजली चोरी के 20401 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 275 लाख रुपये की धनराशि वसूली गई। निदेशक, कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन (पावर कारपोरेशन) एके पुरवार ने बताया है कि एंटी पावर थेफ्ट पुलिस थानों पर सितम्बर 2019 से मई 2020 तक 52 हजार 799 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं। 

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