लखनऊः गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि अगर अगस्त तक कोई लोन एनपीए नहीं है तो दो माह तक लोन एनपीए नहीं होगा। लोन मोरेटोरियम मामले में अब सुनवाई अगले हफ्ते 10 सितंबर को जारी रहेगी। आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां काफी महत्वपूर्ण रहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार लोन न चुका पाने पर किसी पर जबरन कार्रवाई न करे।
लोन मोरेटोरियम पर सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दिया है। सरकार ने यह संकेत दिया है कि मोरेटोरियम को दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह कुछ ही सेक्टर को मिलेगा। केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा था कि ब्याज पर ब्याज के मामले पर रिजर्व बैंक निर्णय लेगा।
सरकार ने सूची सौंपी है कि किन सेक्टर को आगे राहत दी जा सकती है। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल ने कहा, हम ऐसे सेक्टर की पहचान कर रहे हैं जिनको राहत दी जा सकती है। यह देखते हुए कि उनको कितना नुकसान हुआ है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अब और देर नहीं की जा सकती।
इनकी भी सुनेः
मोदी जी का ‘कैश-मुक्त’ भारत दरअसल ‘मज़दूर-किसान-छोटा व्यापारी’ मुक्त भारत है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 3, 2020
जो पाँसा 8 नवंबर 2016 को फेंका गया था, उसका एक भयानक नतीजा 31 अगस्त 2020 को सामने आया।
GDP में गिरावट के अलावा नोटबंदी ने देश की असंगठित अर्थव्यवस्था को कैसे तोड़ा ये जानने के लिए मेरा वीडियो देखिए। pic.twitter.com/GzovcTXPDv

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