लखनऊः ज्यादातर मामलों में यदि किसी पर कोई आरोप लगता है तो पूरी तरह से निराधार नहीं हो सकता। चोरी, डकैती, हत्या, दुष्कर्म आदि किसी पर कोई आरोप लगता है तो कहीं न कहीं कोई कारण जरूर होगा। यदि कुछ भी नहीं है तो रंजिशन आरोप लगाया गया होगा।
पुलिस ने गुरुवार को पशुधन फर्जीवाड़े में राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित के सचिवालय स्थित कमरे में रखी आलमारी खंगाली। रजनीश के दफ्तर में लगभग दो घंटे तक पुलिस ने दस्तावेज देखे। इस आलमारी में कई विभागों की मोहरें, दस्तावेज व एक डायरी मिली। इस डायरी में कई मोबाइल नम्बरों के अलावा कुछ विभागों में हुए पत्राचार का ब्योरा था। इसके अलावा भी डायरी से पुलिस को कई जरूरी जानकारी मिली है।
दूसरे दिन आशीष राय, रजनीश दीक्षित, ललित देव, एके राजीव समेत सात लोग पकड़े गए थे। इस मामले में अब तक 10 गिरफ्तारी हो चुकी है। इसकी पड़ताल में शामिल अधिकारी गुरुवार को अचानक सचिवालय पहुंची। यहां पशुधन राज्यमंत्री के निजी सचिव के कमरे में पुलिस ने तलाशी शुरू की। इस कमरे की आलमारी व मेज में बनी दराजें सील की गई थीं। पुलिस ने सील खुलवा कर आलमारी खंगाली।
कई मोहरें व दस्तावेज मिलेः पुलिस को आलमारी में लगभग 15 मोहरें, 12 अन्य सरकारी विभागों से जुड़े दस्तावेज, कुछ लोगों के फोटो प्रमाण पत्र, बैंकों की फोटो प्रतियां और कुछ प्रवेश पास मिले। यहां एक डायरी भी मिली। विवेचना से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि डायरी से कई सुबूत मिले हैं जो आगे की कार्रवाई में मददगार साबित होंगे।
पुलिस का दावा है कि इस मामले में एक और आरोपी की जल्द ही गिरफ्तारी की जायेगी। इसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल गये हैं। उसकी मोबाइल लोकेशन से भी कई बातें साफ हो गई हैं। यह आरोपी फरार है और एक अधिकारी की शह पर अभी तक बचा हुआ है। इस आरोपी को बचाने के लिए कई बड़ों का दबाव एसटीएफ पर भी बनाया गया था। एसटीएफ को ही शासन से इस फर्जीवाड़े की जांच करने को कहा गया था।






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